About Department of Hindi
हिंदी विभाग का उद्देश्य बदलते सामाजिक मानदंडों, संचार पैटर्न, समाज में भाषा की विभिन्न सामाजिक भूमिकाओं और तेजी से बदलते सामाजिक मूल्यों को ध्यान में रखते हुए हिंदी में शिक्षण और शोध सुविधाएं प्रदान करना है। समकालीन समाज के संदर्भ में छात्रों की विभिन्न आवश्यकताओं को शामिल करने के लिए भाषा और साहित्य के क्षेत्रीय और व्यापक अध्ययन पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है।
हिंदी विभाग स्वतंत्र रूप से शैक्षणिक वर्ष 1972 में श्री रमेश चन्द्र मनचंदा की देख-रेख में स्थापित किया गया, लेकिन हिंदी में एम.ए. पाठ्यक्रम 2016 में शुरू किया गया है। विभाग का मन्तव्य विद्यार्थियों को विभिन्न शैक्षणिक और उद्योग-उन्मुख गतिविधियों में फैले रोजगार की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना है। हिंदी भाषा, साहित्य, भाषा विज्ञान, काव्यशास्त्र, कार्यात्मक हिंदी, अनुवाद, पत्रकारिता, सामग्री लेखन और तुलनात्मक साहित्य जैसे क्षेत्र में विद्यार्थियों की रुचि पैदा की जाती तांकि वह इन क्षेत्रों में रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकें। विद्यार्थियों को इन क्षेत्र में प्रबुद्ध बनाने के लिए प्रख्यात शिक्षाविदों/विद्वानों/लेखकों के विशेष व्याख्यान/वार्ता का आयोजिन किया जाता हैं।
हिंदी विभाग, गुरु नानक कॉलेज, बुढलाडा हिंदी भाषा और साहित्य के संदर्भ में तर्कसंगत सोच, नैतिक मूल्यों और समग्र संस्कृति की ओर उन्मुख शैक्षणिक वातावरण विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। संस्था एक ऐसा माहौल विकसित करना चाहती है जहां परंपराओं को आधुनिक दृष्टिकोण के साथ मिश्रित किया जाए। मानवीय-मूल्य एवं नैतिकता में आ रही गिरावट को त्याज्य करते हुए विद्यार्थियों को सदमार्ग की ओर उन्मुख करना विभाग का उद्देश्य रहा है। हिंदी विभाग के प्राध्यापक हिंदी साहित्य की विभिन्न विधाओं(कविता, कथा-साहित्य, नाटक आदि) साहित्य के इतिहास, आलोचना, मीडिया एवं पत्रकारिता, भाषा-विज्ञान, अंतर-अनुशासनिक अध्ययन आदि के विशेषज्ञ हैं, जिनके दिशा-निर्देशन में छात्राओं को अध्ययन की व्यापकता के साथ-साथ भविष्य का चुनाव करने में भी सहयोग मिलता है ।
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